इस बार दीपावली की छुट्टियां बहुत लंबी एवं बहुत अच्छी भी रही। हमारी जो ये पीढ़ी है,वो हर काम जल्दी करने में बहुत यकीन रखती है। मैं भी इस तरह की सोच से अछूता नहीं हूं। हमारी इस पीढ़ी को बहुत ज्यादा योजना बनाकर किसी कार्य को करना बिलकुल पसंद नहीं है। इसी तरह अल्प अवधि में बिना सुचारू योजना बनाए की गई यात्रा का खामयाजा मुझे भी भुगतना पड़ा। आगे की कुछ पंक्तियों में इस अल्प अवधि में बिना किसी अच्छी योजना के द्वारा की गई मेरी यात्रा में मुझे क्या कठिनाई सहनी पड़ी एवं मैने इससे क्या सीख ली, यही कुछ आगे बता रहा हूं। संदर्भ मेरा पुश्तैनी घर उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले में हैं। यह जिला, उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार एवं देहरादून जिलों में एवं हरियाणा राज्य के यमुनानगर एवं करनाल जिलों से मिलता हुआ है। उत्तरप्रदेश के उत्तरी कोने पर यह जिला स्थित है। दिल्ली से चलकर देहरादून को जाने वाली गाड़ियां, इसी जिले से होकर जाती हैं। यह रेलवे लाइन इस दिशा में देहरादून एवं ऋषिकेश में जाकर समाप्त हो जाती है। इसके अलावा कुछ गाड़ियां, दिल्ली से चलकर, सहारनपुर होते हु...